
🛕 शीतला माता मंदिर सिहावा (Sitla Mandir Sihawa): इतिहास, महत्व और धार्मिक आस्था का केंद्र

हमारी जानकारी के अनुसार शीतला माता मंदिर सिहावा इस क्षेत्र की एकलौती स्वयंभू शीतला मंदिर है, इसीलिए यहां सम्पूर्ण क्षेत्र वासी समर्पित भाव से यहां दर्शन हेतु आते हैं।
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छत्तीसगढ़ के धमतरी ज़िले के नगरी तहसील के सिहावा क्षेत्र में स्थित एक अत्यंत प्राचीन एवं चमत्कारी शक्तिपीठ है। यह मंदिर माँ स्वयंभू माता शीतला देवी को समर्पित है जिन्हें लोक आस्था में चेचक रोग निवारक, संतानों की रक्षा एवं कष्ट निवारण की देवी माना जाता है। Sitla Mandir न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि यह पूरे सिहावा क्षेत्र की क्षेत्रीय संस्कृति, परंपरा और आस्था की जीवंत मिसाल भी है।
🔱 शीतला माता का स्वरूप और प्रतीकात्मक महत्व
शीतला मंदिर के वर्तमान पुजारी श्री तुकाराम जी बैस द्वारा जानकारी दिया गया के सर्वप्रथम यहां मंदिर निर्माण 1980-85 में एक झोपड़ी के रूप में हुआ था, फिर कुछ सालों बाद एक गुंबद जैसा निर्माण हुआ जिसमें 3 बड़े पत्थरों से मंदिर निर्मित किया गया था। फिर 2007 में मंदिर को पूर्ण रूप दिव्य रूप में निर्मित किया गया जिसका जिसका वर्तमान स्वरूप आज आप देख रहे हैं।
पंडित जी द्वारा जानकारी दी गई के यहां प्रतिदिन सुबह 6 बजे से 12 बजे तक देव बैठती है, बैगा/पुजारी द्वारा यहां समस्या लेकर आए श्रद्धालुओं के लिए माता के आशीर्वाद से विचार किया जाता है, जिसमें आसपास सिहावा क्षेत्र के अलावा उड़ीसा क्षेत्र के श्रद्धालु विशेष कर आते हैं!
कोई चेचक रोगी, गंभीर बीमारी, कोई शारीरिक समस्या, या फिर जिनको वर्षों से संतान प्राप्ति नहीं हो रही है ऐसे सभी श्रद्धालु यहां आते हैं, और अपनी मनोकामना पूर्ण हेतु माता के समक्ष विनती करके जाते हैं, और ऐसे समस्या लेकर आए एक दो नहीं हजारों लोगों की मनोकामना पूर्ण हो चुकी है, इसीलिए स्वयंभू माता शीतला पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है। क्योंकि किसी भी धार्मिक स्थल को खास बनाती है लोगों का विश्वास, उनकी मन्नत पूर्ति होना, उनके समस्या का निवारण होना, यही लोगों के भरोसे को और गहरा करती है।

स्कंद पुराण के अनुसार शीतला माता गर्दभ (गधा) पर सवार होती हैं और उनके हाथों में कलश, झाड़ू तथा नीम की पत्तियां होती हैं। ये सभी वस्तुएं चेचक रोग और अन्य बीमारियों के प्रतीकात्मक उपचार से जुड़ी हुई हैं। जैसे:
नीम की पत्तियां किसी भी संक्रमण से बचाव करती हैं।
सूप से रोगी को शीतलता, आराम मिलती है।
कलश में रखा ठंडा जल रोगी को राहत देता है।
📖 शीतलाष्टक स्तोत्र और शीतला माता की आराधना

शास्त्रों में शीतलाष्टक नामक स्तोत्र का वर्णन है, जिसे स्वयं भगवान शिव ने रचा था। यह स्तोत्र शीतला माता की महिमा का गान करता है और भक्तों को उनकी उपासना के लिए प्रेरित करता है।
मंत्र:
“वन्देऽहंशीतलांदेवीं रासभस्थांदिगम्बराम्।मार्जनीकलशोपेतां सूर्पालंकृतमस्तकाम्।।”
🛕 Sitla Mandir Sihawa के चमत्कार और मान्यताएँ

मान्यता है कि जब यह स्थान घनघोर जंगल था, एक लकड़हारा लकड़ी काटने आया। कुल्हाड़ी की धार पत्थर से तेज करते समय पत्थर से रक्त निकलने लगा। गांव वालों को सूचना देने पर समस्त ग्राम वासियों द्वारा यहां पूजा की गई, तब देवी ने प्रकट होकर स्वयं को स्वयंभू शीतला माता बताया था। तभी से यह स्थान आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया।
Sitla Mandir Sihawa आज लगभग 200 गांवों की आराध्य देवी के रूप में मानी जाती हैं। यहां सम्पूर्ण सिहावा क्षेत्र के अलावा उड़ीसा क्षेत्र के श्रद्धालु भी आते हैं, यहां तक प्रत्येक वर्ष होने वाली नवरात्रि भोज भंडारे के लिए पूरा साग सब्जी की व्यवस्था उड़ीसा के किसी श्रद्धालु द्वारा किया जाता है।
🌟 चमत्कारी मंदिर: संतान प्राप्ति और कष्ट निवारण की जगह
आज भी ओडिशा क्षेत्र के श्रद्धालु श्रवण मास में कांवड़ यात्रा के दरमियान जल भरने हेतु सर्वप्रथम शीतला माता मंदिर आते हैं, दर्शन करने के बाद सिहावा श्रृंगी ऋषि पर जल लेकर चढ़ते हैं उसके पश्चात ही वापस लौटते हैं।

Sitla Mandir Sihawa में भक्त विशेषकर निसंतान दंपती, बीमारियों से ग्रसित लोग, और जीवन के कष्टों से मुक्ति चाहने वाले भारी संख्या में दर्शन हेतु आते हैं। माता के चरणों में श्रीफल, श्रृंगार सामग्री आदि अर्पित करते हैं। मान्यता है कि माता सिर से भीगे अक्षत और पुष्प गिराकर आशीर्वाद देती हैं। नीचे गिरना इस बात का संकेत है कि मनोकामना पूर्ण होगी।
🙏 नवरात्रि में विशेष आयोजन और भक्तिभाव

Sitla Mandir Sihawa में शारदीय और चैत्र नवरात्रि के दौरान भक्तों का सैलाब उमड़ता है, क्योंकि शीतला मंदिर में न सिर्फ सिहावा क्षेत्र अपितु संपूर्ण धमतरी के श्रद्धालु मनोकामना दीप प्रज्वलित करते हैं, स्वयंभू शीतला माता के भक्त और ज्योत जलाने वाले लोगों के लिए नवरात्र विशेष महत्व रखता है। विशेषकर पंचमी के दिन मंदिर में विभिन्न कार्यक्रम होते हैं:
माँ का विशेष श्रृंगार
छप्पन भोग अर्पण
विशाल भंडारा का आयोजन
जस गीतों की प्रस्तुतियाँ
मनोकामना ज्योति प्रज्ज्वलन — इस बार 1531 तेल व 120 घी ज्योति जलाकर कुल 1651 ज्योति प्रज्वलित की गई थी।
📋 आयोजन समिति और सामुदायिक सहयोग

मंदिर आयोजन समिति और क्षेत्रीय युवाओं द्वारा हर आयोजन को विशेष रूप से संपन्न किया जाता है। इसमें मंदिर समिति के प्रमुख:
कैलाश पवार, नेम सिंह बिसेन, नरेंद्र नाग, नारद निषाद, बुधेश्वर साहू, ज्ञान सागर पटेल, हरीश गोलू मालू आदि सक्रिय रहते हैं।भोजन प्रसादी वितरण क्षेत्रीय ग्रामवासियों और श्रद्धालुओं के सहयोग से होता है, जैसे ग्राम भीतर रास, गड़ीहा पारा, बेलर गांव, मुकनंदपुर, देवपुर , पाईकभाठा आदि।
🛖 आधुनिक सुविधाएं और विधायक निधि से विकास

Sitla Mandir Sihawa परिसर में बदलते मौसम और बारिश से श्रद्धालुओं को बचाने के लिए विशाल शेड और डोम का निर्माण किया गया है, जो कि विधायक अम्बिका मरकाम जी के कार्यकाल में विधायक निधि से संभव हुआ।
🔔 Sitla Mandir Sihawa कैसे पहुंचे? (How to Reach Sitla Mandir Sihawa)
Sitla Mandir, नगरी से सिहावा मार्ग पर स्थित है और रायपुर से लगभग 140 किमी की दूरी पर स्थित है। धमतरी जिला मुख्यालय से केरेगांव गट्टासिल्ली होते हुए या फिर धमतरी से केरेगांव नगरी मार्ग होते हुए यहाँ सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है।
📣 निष्कर्ष: Sitla Mandir Sihawa – आस्था, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम
स्वयंभू Sitla Mandir Sihawa सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि एक ऐसा शक्तिपीठ है जहाँ श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, कष्टों से मुक्ति मिलती है और आत्मिक शांति का अनुभव होता है। माता की स्वयंभू उत्पत्ति, चमत्कारी शक्तियां, और समाज में उनका प्रभाव इस मंदिर को सम्पूर्ण धमतरी ही नहीं अपितु छत्तीसगढ़ का एक अद्वितीय आध्यात्मिक केंद्र बनाता है।
🗺️ Sitla Mandir Sihawa के पास स्थित प्रमुख पर्यटन स्थल (Nearest Tourist Places from Sitla Mandir Sihawa)
Tourist place in Dhamtari, Top place for enjoy in Dhamtari, धमतरी यात्रा गाइड 2025: घूमने के लिए 7 सबसे खूबसूरत और प्रसिद्ध जगहें – https://suchnamitra.com/tourist-place-in-dhamtari-top-place-for-enjoy-in-dhamtari-2/
1. 🌿 Sihawa Hill (सिहावा पहाड़ी)
Sitla Mandir Sihawa के पास स्थित Sihawa Hill, ट्रेकिंग और प्राकृतिक सौंदर्य प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन स्थान है। यह क्षेत्र प्राकृतिक शांति और हरियाली से भरपूर है।
2. 🌊 Mahanadi River Origin (महानदी का उद्गम स्थल)
Sitla Mandir Sihawa से कुछ ही दूरी पर स्थित है महानदी का उद्गम स्थल। यह धार्मिक और भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, जहां महानदी नदी का जन्म होता है।
3. 🧘♂️ Rudri Temple (रूद्री मंदिर)
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Sitla Mandir Sihawa के पास स्थित Rudri Temple भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर पुरातन इतिहास और पवित्रता का प्रतीक है, जो श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है।
4. 🌾 Gangrel Dam (गंगरेल डेम)
Sitla Mandir Sihawa से लगभग 60 किमी दूर स्थित Gangrel Dam एक सुंदर पिकनिक स्पॉट है। यहाँ नौकायन, फोटोशूट और परिवार संग समय बिताने के लिए बढ़िया व्यवस्था है।
Sitla Mandir Sihawa न केवल एक पवित्र शक्तिपीठ है बल्कि इसके आसपास कई दर्शनीय पर्यटन स्थल भी स्थित हैं। यदि आप Sitla Mandir Sihawa दर्शन के लिए आ रहे हैं, तो Sihawa Hill, Mahanadi Origin, Sondhur Dam, Sita Nadi Wildlife Sanctuary जैसे प्रसिद्ध स्थानों की यात्रा अवश्य करें। ये सभी स्थल Sitla Mandir Sihawa के नजदीक हैं और आपकी यात्रा को पूर्णता प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ का यह क्षेत्र धार्मिक, प्राकृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत सम
❓ Frequently Asked Questions (FAQs) About Sitla Mandir Sihawa
Q1: Sitla Mandir Sihawa कहां स्थित है और यहाँ कैसे पहुँचें?
उत्तर: Sitla Mandir छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के सिहावा नगरी क्षेत्र में स्थित है। यह रायपुर से लगभग 140 किमी और धमतरी से लगभग 70 किमी दूर है। आप सड़क मार्ग से नगरी होते हुए मंदिर तक आसानी से पहुँच सकते हैं।
Q2: Sitla Mandir Sihawa का इतिहास क्या है?
उत्तर: यह मंदिर एक प्राचीन शक्तिपीठ है। मान्यता है कि एक लकड़हारे द्वारा एक पत्थर से खून निकलने के बाद, देवी ने स्वयंभू रूप में प्रकट होकर इस स्थान को अपना निवास बनाया। यह मंदिर आज भी लगभग 400 गांवों की आराध्य देवी का स्थान है।
Q3: Sitla Mandir Sihawa में कौन–कौन से पर्व विशेष रूप से मनाए जाते हैं?
उत्तर: चैत्र और शारदीय नवरात्रि में विशेष आयोजन होते हैं। पंचमी के दिन छप्पन भोग, विशेष श्रृंगार, भंडारा, और हजारों दीयों से मनोकामना ज्योति जलाई जाती है।
Q4: क्या Sitla Mandir Sihawa चमत्कारी मंदिर माना जाता है?
उत्तर: हां, यह मंदिर चमत्कारी माना जाता है। खासकर संतान प्राप्ति, रोग निवारण और मनोकामना पूर्ति के लिए भक्त यहाँ आते हैं। माना जाता है कि देवी स्वयं अक्षत और पुष्प गिराकर संकेत देती हैं।
Q5: Sitla Mandir Sihawa के पास कौन–कौन से दर्शनीय स्थल हैं?
उत्तर: मंदिर के पास कई प्रमुख पर्यटन स्थल हैं जैसे:
सिहावा पहाड़ी (ट्रेकिंग हेतु)
महानदी उद्गम स्थल
गणेश घाट
श्रृंगी ऋषि आश्रम
गंगरेल डेम