Skip to content
Skip to content
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Conditions
  • ESIC
  • CG Tourism
  • LOCAL TOURISM
  • PF
  • CG e Mandi Portal
  • Local Info
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Conditions
  • ESIC
  • CG Tourism
  • LOCAL TOURISM
  • PF
  • CG e Mandi Portal
  • Local Info
cropped cropped cropped logo suchnamitra 1.webp

Helping Boy Ni2

"HelpingBoyNi2 – सीखें, समझें और आगे बढ़ें!"

  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Conditions
  • ESIC
  • CG Tourism
  • LOCAL TOURISM
  • PF
  • CG e Mandi Portal
  • Local Info
  • Toggle search form

Champaran: महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली और छत्तीसगढ़ का आध्यात्मिक धाम

Posted on August 4, 2025August 5, 2025 By NITU SINGH NISHAD No Comments on Champaran: महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली और छत्तीसगढ़ का आध्यात्मिक धाम

छत्तीसगढ़ का चंपारण: महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली और आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र

Champaran Temple महाप्रभु वल्लभाचार्य (6)
Champaran महाप्रभु वल्लभाचार्य

Table of Contents

  • छत्तीसगढ़ का चंपारण: महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली और आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र
    • धार्मिक महत्व
      • प्रमुख दर्शनीय स्थल
        • यहां का सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव
          • आवास की सुविधा
          • कैसे पहुंचे ?
          • 🧾 FAQs About Champaran Chhattisgarh
            • 🗺️ आस पास घूमने लायक 5 प्रमुख पर्यटन स्थल (Nearest Tourist Places )

जब भी “चंपारण” का नाम आता है तो अधिकतर लोगों के मन में बिहार के चंपारण की छवि बनती है, जहां महात्मा गांधी ने सत्याग्रह किया था। लेकिन क्या आपको पता है कि भारत में एक और चंपारण है, जो छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित है और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है? इसे चंपाझार भी कहा जाता है, रायपुर से लगभग 60 किलोमीटर और राजिम से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्थान न केवल प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, बल्कि महाप्रभु वल्लभाचार्य जन्मस्थली होने के कारण धार्मिक आस्था और पुष्टिमार्ग संप्रदाय का प्रमुख केंद्र है।

धार्मिक महत्व

Champaran Temple महाप्रभु वल्लभाचार्य (5)
Champaran Temple महाप्रभु वल्लभाचार्य

छत्तीसगढ़ के धार्मिक स्थलों में चंपारण का नाम सबसे ऊपर आता है। यह स्थान वैष्णव संप्रदाय, विशेषकर पुष्टिमार्ग के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। यहाँ महाप्रभु वल्लभाचार्य का जन्म 1479 ईस्वी में हुआ था। कहते हैं कि वल्लभाचार्य जी का जन्म एक शमी वृक्ष के नीचे हुआ था, जहाँ अब प्राकट्य बैठकजी मंदिर स्थित है। मान्यता है कि जन्म के समय बालक मृत प्रतीत हुआ और माता-पिता ने उसे पत्तों से ढक दिया, लेकिन वह चमत्कारिक रूप से जीवित मिला – यही चमत्कार वल्लभाचार्य जन्मस्थली को एक दिव्य स्थान बनाता है।

प्रमुख दर्शनीय स्थल

Champaran Temple महाप्रभु वल्लभाचार्य (4)
महाप्रभु वल्लभाचार्य Champaran

1. प्राकट्य बैठकजी मंदिर – चंपारण का धार्मिक हृदय

Champaran Temple महाप्रभु वल्लभाचार्य (1)
Champaran

यह मंदिर महाप्रभु वल्लभाचार्य जन्मस्थली पर स्थित है और पुष्टिमार्ग मंदीरो में सबसे महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। यहाँ माँ यमुना जी, राम दरबार और एक सुंदर गौशाला भी स्थित हैं। प्राकट्य उत्सव वैशाख महीने की एकादशी को यहाँ धूमधाम से मनाया जाता है, जिसे देखने देश-विदेश से श्रद्धालु चंपारण छत्तीसगढ़ आते हैं।

2. मूल प्राकट्य मंदिर (छठी बैठक)

यहाँ गोस्वामी श्री वल्लभलालजी और श्री रघुनाथलालजी द्वारा सेवा की जाती है। इसे छठी जी भी कहा जाता है और यह स्थान भी पुष्टिमार्ग अनुयायियों के लिए बेहद पूजनीय है।

3. चंपेश्वरनाथ महादेव मंदिर – शिवभक्तों के लिए विशेष स्थल

यह प्राचीन छत्तीसगढ़ धार्मिक स्थल त्रिमूर्ति शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध है। सावन में यहाँ बोल बम यात्रा और जलाभिषेक बहुत भव्य रूप में होता है। यहाँ शिव, पार्वती और गणेश जी की एक ही शिवलिंग में त्रिमूर्ति के रूप में पूजा होती है।

4. डिपरा वाले हनुमान जी मंदिर

चंपारण से 5 किमी दूर यह मंदिर महानदी के किनारे स्थित है, जहाँ प्राकृतिक शांति और ग्रामीण जीवन का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है।

5. वीर हनुमान टीला – छत्तीसगढ़ का गौरव

यहाँ की 185 फुट ऊँची हनुमान प्रतिमा इसे छत्तीसगढ़ पर्यटन के मानचित्र पर लाती है। यहाँ का छोटा डैम और हरियाली इसे एक उत्तम पिकनिक स्थल बनाते हैं।

यहां का सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव

Champaran Temple महाप्रभु वल्लभाचार्य (3)
Champaran Temple महाप्रभु वल्लभाचार्य (3)

हर वर्ष माघ माह में लगने वाला चंपारण मेला छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े धार्मिक मेलों में से एक है। इसके अलावा महाप्रभु वल्लभाचार्य की प्राकट्य तिथि, जो वैशाख माह की एकादशी को होती है, पूरे भारत के पुष्टिमार्ग वैष्णवों के लिए विशेष पर्व है। चंपारण छत्तीसगढ़ में इन पर्वों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है।

यमुना नदी की पवित्र धारा

चंपारण में बहती एक छोटी जलधारा को माँ यमुना का स्वरूप माना जाता है। यहाँ यमुना अष्टकम का नियमित पाठ होता है। यह स्थान महाप्रभु वल्लभाचार्य जन्मस्थली का एक और आध्यात्मिक रूप है।

हवेली मंदिर – श्री गिरिराज जी और बालकृष्णलाल जी का धाम

यह मंदिर छत्तीसगढ़ धार्मिक स्थलों में विशेष स्थान रखता है। यहाँ हवेली स्टाइल की सेवा पद्धति अपनाई जाती है और महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था भी अत्यंत व्यवस्थित है।

आवास की सुविधा

यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यहाँ कई धर्मशालाएं और गेस्ट हाउस उपलब्ध हैं:

श्री गोपाल धर्मशाला

सुदामापुरी धर्मशाला

वल्लभनिधि क्रमाश्रम धर्मशाला

छठी जी धर्मशाला यह सभी सुविधाएं महाप्रभु वल्लभाचार्य जन्मस्थली के पास ही हैं और हर बजट में उपलब्ध हैं।

कैसे पहुंचे ?

निकटतम शहर: रायपुर (60 किमी)

रेलवे स्टेशन: रायपुर जंक्शन (छत्तीसगढ़ का प्रमुख रेलवे स्टेशन)

सड़क मार्ग: राजिम और रायपुर से नियमित बस, टैक्सी सेवाएं उपलब्ध हैं

🧾 FAQs About Champaran Chhattisgarh

❓1. छत्तीसगढ़ का चंपारण कहां स्थित है और वहाँ कैसे पहुँचा जा सकता है?

उत्तर: यह रायपुर जिले से लगभग 60 किलोमीटर और राजिम से 15 किलोमीटर दूर स्थित है। यहाँ पहुंचने के लिए रायपुर रेलवे स्टेशन और स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट सबसे नजदीकी विकल्प हैं। सड़क मार्ग से टैक्सी और बस की सुविधा भी आसानी से उपलब्ध है।

❓2. चंपारण छत्तीसगढ़ का धार्मिक महत्व क्या है?

उत्तर: यह महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली है और पुष्टिमार्ग संप्रदाय का प्रमुख तीर्थ स्थल है। यहाँ प्राकट्य बैठकजी मंदिर, चंपेश्वरनाथ महादेव मंदिर और हवेली मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल स्थित हैं, जो इसे आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र बनाते हैं।

❓3. यहां कौन-कौन से प्रमुख उत्सव मनाए जाते हैं?

उत्तर: यहां हर साल वैशाख महीने की एकादशी को प्राकट्य उत्सव और माघ मास में चंपारण मेला भव्य रूप से मनाया जाता है। इन आयोजनों में देश-विदेश से हजारों पुष्टिमार्गीय श्रद्धालु भाग लेते हैं।

❓4. क्या चंपारण छत्तीसगढ़ एक दिन में घूमने योग्य स्थान है?

उत्तर: हां, यह एक आदर्श वन डे स्पिरिचुअल ट्रिप डेस्टिनेशन है। यहाँ के धार्मिक स्थल, शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता इसे एक दिव्य अनुभव बनाते हैं। पास में वीर हनुमान टीला और डिपरा हनुमान मंदिर जैसे स्थान भी शामिल किए जा सकते हैं।

❓5. यहां रुकने की क्या सुविधा है?

उत्तर: यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कई धर्मशालाएं उपलब्ध हैं जैसे श्री गोपाल धर्मशाला, छठी जी चंपारण्य, वल्लभनिधि क्रमाश्रम आदि। यहाँ नॉन-एसी और एसी दोनों प्रकार के कमरे मिलते हैं, जो मंदिर परिसर के पास ही स्थित हैं।

🗺️ आस पास घूमने लायक 5 प्रमुख पर्यटन स्थल (Nearest Tourist Places )

✅ 1. राजिम – छत्तीसगढ़ का प्रयाग (15 KM)

विवरण: राजिम महानदी, सोंढूर और पैरी नदी के संगम पर स्थित है, जिसे छत्तीसगढ़ का प्रयाग भी कहा जाता है। यहाँ का राजीव लोचन मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और यह स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है।

🌸 राजिम कुंभ मेला हर साल हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

✅ 2. फिंगेश्वर – शिव भक्तों के लिए अद्भुत स्थल (30 KM)

विवरण: फिंगेश्वर रायपुर जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है जो अपने प्राचीन शिव मंदिरों के लिए जाना जाता है। सावन माह में यहाँ भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है।

यह स्थान चंपारण यात्रा के बाद एक और आध्यात्मिक पड़ाव हो सकता है।

✅ 3. सीतानदी वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी (60 KM)

विवरण: यदि आप धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ प्रकृति का भी आनंद लेना चाहते हैं, तो यह वन्यजीव अभयारण्य आदर्श है। यहाँ कई प्रकार के पशु-पक्षी, वनस्पतियाँ और झरने देखने को मिलते हैं।

मानसून के समय यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य चरम पर होता है।

✅ 4. गरियाबंद  भूतेश्वर महादेव– रहस्यमयी शिवलिंग और पर्वतीय सौंदर्य (50 KM)

विवरण: Gariyaband  जिले में स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग होने का दावा करता है। यहाँ का शांत वातावरण और जंगल से घिरी पहाड़ियां यात्रा को रोमांचक बनाती हैं।

✅ 5. शिवरीनारायण (65 KM)

कीवर्ड: Shivrinarayan Temple Chhattisgarh

विवरण: यह स्थल शबरी माता और भगवान राम से जुड़ा हुआ है और राम वन गमन पथ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहाँ का शबरी मंदिर और संगम तट धार्मिकता और सुंदरता का अनोखा संगम है।

🧭 Suggested Religious Itinerary धार्मिक यात्रा कार्यक्रम सुझाव)

🌅 सुबह: चंपारण में प्राकट्य बैठकजी और हवेली मंदिर दर्शन

🛕 दोपहर: राजिम में राजीव लोचन मंदिर और संगम स्नान

🌳 दोपहर बाद: फिंगेश्वर के शिव मंदिर

🌲 अगला दिन: सीतानदी सैंक्चुरी या गरियाबंद में भूतेश्वर महादेव मंदिर

🌊 अंतिम दिन: शिवरीनारायण दर्शन

निष्कर्ष:

छत्तीसगढ़ का चंपारण न केवल एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, बल्कि यह महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली होने के कारण एक विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। यहां की शांतिपूर्ण वातावरण, धार्मिक स्थलों की विविधता, और सांस्कृतिक उत्सवों के बीच यात्रा करने से श्रद्धालु को एक अद्भुत और दिव्य अनुभव मिलता है। विशेष रूप से प्राकट्य बैठकजी मंदिर, चंपेश्वरनाथ महादेव मंदिर और हवेली मंदिर जैसे प्रमुख स्थल, यहाँ आने वालों को शांति और समर्पण का अहसास कराते हैं।

इसके अलावा, चंपारण के आस-पास स्थित अन्य धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों, जैसे कि राजिम, फिंगेश्वर, और सीतानदी वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी, इसे एक पूर्ण यात्रा अनुभव बनाते हैं। यह स्थान न केवल वैष्णव धर्म के अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि हर वह व्यक्ति जो आध्यात्मिक शांति और सांस्कृतिक समृद्धि की तलाश में है, उनके लिए एक आदर्श गंतव्य है।

यदि आप छत्तीसगढ़ में धार्मिक और प्राकृतिक सुंदरता का संयोजन चाह रहे हैं, तो चंपारण एक ऐसा स्थल है, जहाँ आध्यात्मिक यात्रा के साथ-साथ प्रकृति के शांतिपूर्ण दृश्य भी आनंद देने वाले होंगे।

CG Tourism Tags:Champaran Chhattisgarh, Pushtimarg Temples, Religious Places in Chhattisgarh, Vallabhacharya Birthplace, चंपारण छत्तीसगढ़, चंपारण मेला, छत्तीसगढ़ के दर्शनीय स्थल, धार्मिक यात्रा, पुष्टिमार्ग मंदिर, प्राकट्य बैठकजी, महाप्रभु वल्लभाचार्य, वैष्णव धर्म Chhattisgarh Tourism

Post navigation

Previous Post: Siyadevi Mandir & Waterfall Balod: छत्तीसगढ़ के धार्मिक पर्यटन और प्रकृति प्रेमियों के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन
Next Post: धान से संबंधित प्रोसेस्ड गुड्स ई मंडी पोर्टल पर कैसे अपलोड करें: Step-by-Step गाइड

More Related Articles

x2.jpeg Top Waterfalls in Chhattisgarh – छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध झरनों की पूरी जानकारी🌊 छत्तीसगढ़ के शानदार झरने – आपका Ultimate Travel Guide 2025 CG Tourism
Ganesh Mandir Gadhdongari Belargaon: धरती फोड़ गणेश मंदिर की अनोखी गाथा CG Tourism
जतमई माता मंदिर गरियाबंद: छत्तीसगढ़ का सबसे खूबसूरत वाटरफॉल मंदिर और पिकनिक स्पॉट (Jatmai Mata Mandir) CG Tourism
घटारानी जलप्रपात: छत्तीसगढ़ का छुपा हुआ स्वर्ग ! एक रोमांचक वीकेंड ट्रिप CG Tourism
गंगा मैया मंदिर, झलमला – बालोद छत्तीसगढ़ का आध्यात्मिक चमत्कार और 130 साल पुरानी आस्था की कहानी CG Tourism
Siyadevi Mandir & Waterfall Balod: छत्तीसगढ़ के धार्मिक पर्यटन और प्रकृति प्रेमियों के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन CG Tourism

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • Broken Rice ka e Mandi Anugya Kaise Banayen | Khanda E Mandi Anugya CG Online Process
  • Rice ka e Mandi Anugya Kaise Banayen | Chawal E Mandi Anugya CG Online Process
  • Dhan ka e Mandi Anugya Kaise Banayen | Paddy E Mandi Anugya CG Online Process
  • EPFO Death Relief Fund 2025: अब केंद्रीय कर्मचारियों के परिवार को मिलेगा ₹15 लाख मुआवजा, हर साल 5% बढ़ेगी राशि
  • Ganesh Mandir Gadhdongari Belargaon: धरती फोड़ गणेश मंदिर की अनोखी गाथा

Recent Comments

  1. Ambika on Umang App se New UAN Generate Kaise Karen? | 15 August 2025 PF New Rule & Face Authentication Process
  2. Ashok Bhatt on ओना कोना मंदिर: छत्तीसगढ़ के गंगरेल डैम के अंतिम छोर पर बसा आध्यात्म और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर तीर्थ स्थल
  3. Ashok Bhatt on ओना कोना मंदिर: छत्तीसगढ़ के गंगरेल डैम के अंतिम छोर पर बसा आध्यात्म और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर तीर्थ स्थल
  4. बेनामी on ESIC New Rules 2025 और श्रमिकों के अधिकार – जानिए नए कानून, लाभ, कवरेज और नियोक्ता की जिम्मेदारियाँ Part-3
  5. बेनामी on ESIC New Rules 2025 – जानिए नई योगदान दरें, बढ़ी हुई कवरेज, मातृत्व लाभ और नियोक्ता की जिम्मेदारियाँ Part-2

Archives

  • August 2025
  • July 2025
  • June 2025

Categories

  • CG e Mandi Portal
  • CG Tourism
  • ESIC
  • Local Info
  • LOCAL TOURISM
  • PF

Copyright © 2025 Helping Boy Ni2.

Powered by PressBook Green WordPress theme