Skip to content
Skip to content
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Conditions
  • ESIC
  • CG Tourism
  • LOCAL TOURISM
  • PF
  • CG e Mandi Portal
  • Local Info
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Conditions
  • ESIC
  • CG Tourism
  • LOCAL TOURISM
  • PF
  • CG e Mandi Portal
  • Local Info
cropped cropped cropped logo suchnamitra 1.webp

Helping Boy Ni2

"HelpingBoyNi2 – सीखें, समझें और आगे बढ़ें!"

  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Conditions
  • ESIC
  • CG Tourism
  • LOCAL TOURISM
  • PF
  • CG e Mandi Portal
  • Local Info
  • Toggle search form
छत्तीसगढ़ पर्यटन bhuteshwar mahadev

Bhuteshwar Mahadev Temple Gariyaband: — छत्तीसगढ़ का चमत्कारिक शिवलिंग जो हर साल बढ़ता है |

Posted on July 24, 2025July 31, 2025 By Helping Boy Ni2 No Comments on Bhuteshwar Mahadev Temple Gariyaband: — छत्तीसगढ़ का चमत्कारिक शिवलिंग जो हर साल बढ़ता है |

भूतेश्वरनाथ महादेव मंदिर: एक चमत्कारी शिवलिंग जो हर साल बढ़ता है (Bhuteshwar Mahadev Temple Gariyaband)

bhuteshwar mahadev temple front gate

परिचय:

भारत एक ऐसा देश है जहाँ हर कण में आध्यात्मिकता बसती है। यहां हज़ारों मंदिर हैं, लेकिन कुछ स्थान अपने चमत्कारी स्वरूप के कारण विशेष बन जाते हैं।

ऐसा ही एक अनोखा और रहस्यमयी स्थान है —भूतेश्वरनाथ महादेव मंदिर, जो छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के घने जंगलों में स्थित है। यहाँ विराजमान है

एक विशालकाय प्राकृतिक शिवलिंग, जिसे भकुर्रा महादेव भी कहा जाता है।

bhuteshwar mahadev temple gariyaband

भूतेश्वरनाथ (Bhuteshwar Mahadev)शिवलिंग की अनोखी विशेषता

इस शिवलिंग को खास बनाता है इसका  लगातार बढ़ता हुआ आकार। जी हां, यह कोई लोककथा नहीं बल्कि  एक ऐसा वास्तविक चमत्कार है जिसे राज्य सरकार के राजस्व विभाग द्वारा हर साल मापा जाता है।

वर्तमान में ऊंचाई: लगभग 25 फीट

गोलाई: करीब 20 फीट

सालाना वृद्धि: 6 से 8 इंच तक

कहा जाता है कि यह शिवलिंग कभी मात्र 3 फीट का हुआ करता था, और जैसे-जैसे समय बीतता गया, इसका आकार  बढ़ता गया यही कारण है कि इसे 

स्वयंभू शिवलिंग” भी कहा जाता है —  यानी भगवान शिव का वह रूप जो पृथ्वी से खुद प्रकट हुआ।

bhuteshwar mahadev


 भूतेश्वरनाथ मंदिर (Bhuteshwar Mahadev Temple) का इतिहास

मंदिर की खोज लगभग 30 साल पहले हुई थी। यह स्थान पहले एक छोटा-सा टीला था,  जो मरौदा गांव के पास स्थित था।कहानी के अनुसार, परागांव के  ज़मींदार शोभा सिंह जब अपने खेत पर जाया करते थे, तो उन्हें वहाँ सांड के  हुंकारने और शेर के दहाड़ने की आवाजें सुनाई देती थीं। गांव वालों ने इस  रहस्यमयी आवाज़ों का पीछा किया तो उन्हें उस टीले से ही ये आवाजें आती  दिखीं। धीरे धीरे लोगों ने उसे शिवलिंग मानकर  पूजना शुरू कर दिया और  वर्षों में वह  टीला एक विशाल शिवलिंग में परिवर्तित हो गया।

bhuteshwar mahadev temple gariyaband 

Bhuteshwar Mahadev प्राकृतिक सौंदर्य और वातावरण

मंदिर चारों ओर से घने वनों और पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यहां की शांति, हवा में गूंजता भजन, पक्षियों की चहचहाहट —  सब कुछ मिलकर एक आध्यात्मिक  अनुभव प्रदान करता है। मंदिर के पास ही मरोदा जलाशय है, जो पिकनिक और प्राकृतिक दृश्य  देखने के लिए उपयुक्त स्थान है। लगभग 4 किलोमीटर दूर पैरी नदी बहती है,  जो महानदी की सहायक नदी है।

bhuteshwar mahadev mandir gariyaband


Bhuteshwar Mahadev Temple Gariyaband धार्मिक महत्व और श्रद्धालु

छत्तीसगढ़ में इसे द्वादश ज्योतिर्लिंगों की तरह ही अर्धनारीश्वर शिवलिंग के रूप में मान्यता प्राप्त है  महाशिवरात्रि और सावन सोमवार को यहाँ काँवरियों  की भारी भीड़ उमड़ती है श्रद्धालु राजिम से पवित्र महानदी का जल लाकर  जलाभिषेक करते हैं। हर वर्ष एक विशाल मेला भी लगता है जिसमें छत्तीसगढ़  ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से भी भक्तगण पहुंचते हैं।

भूतेश्वरनाथ मंदिर


Bhuteshwar Mahadev मंदिर में दर्शन का समय

हर दिन खुला रहता है

प्रातः 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक


 कैसे पहुंचे? | How to Reach Bhuteshwarnath Temple

निकटतम शहर: रायपुर (छत्तीसगढ़ की राजधानी)

दूरी: लगभग 95 किलोमीटर (रायपुर अभनपुर राजिम गरियाबंद भूतेश्वर नाथ)

स्थान: मरौदा गांव, गरियाबंद जिला

यात्रा का समय: सड़क मार्ग से लगभग 2 घंटे

सुविधाएं: सड़क मार्ग अच्छा है, मंदिर के पास भोजन और विश्राम की व्यवस्था 

सावन व महाशिवरात्रि में विशेष रूप से की जाती है।


Bhuteshwar Mahadev Temple Gariyaband: — छत्तीसगढ़ का चमत्कारिक शिवलिंग जो हर साल बढ़ता है | नजदीकी पर्यटन स्थल (Nearby Tourist Places)

1.चिंगरा पगार वॉटरफॉल (Chingra Pagar Waterfall) –  भूतेश्वर महादेव से 18 किमी पीछे

रायपुरअभनपुरराजिम बारुका चिंगरा पगार वॉटरफॉल

विस्तृत जानकारी के लिए हमारा यह ब्लॉग पढ़े आपको अवश्य पसंद आयेगा

https://suchnamitra.com/bhuteshwar-mahadev-temple-chhattisgarh-largest-natural-shivling/

2.घटारानी झरना (Ghatarani Waterfall) – 50 किमी

रायपुरअभनपुरराजिम घटा रानी वॉटरफॉल

3.जतमई मंदिर और झरना (Jatmai Temple & Waterfall) – 45 किमी

रायपुरअभनपुरराजिम घटा रानी वॉटरफॉल जतमई धाम

4.राजिम (Triveni Sangam) – 40 किमी (महानदी, पैरी और सोंढूर का संगम)

रायपुरअभनपुरराजिम


 निष्कर्ष (Conclusion)

भूतेश्वरनाथ महादेव मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति, श्रद्धा और रहस्य

 का एक अनुपम संगम है। यह वह स्थान है जहाँ ईश्वर खुद धरती से प्रकट हुए हैं, 

और हर साल उनकी उपस्थिति को भौतिक रूप से महसूस किया जा सकता है —

 शिवलिंग के बढ़ते आकार के रूप में।

यदि आप अध्यात्म में रुचि रखते हैं या छत्तीसगढ़ की संस्कृति को नजदीक से देखना चाहते हैं, 

तो भकुर्रा महादेव की यात्रा आपके जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव बन सकती है।

जहां श्रद्धा,विश्वास और आस्था एक साथ सम्मिलित होती है, वह पूज्यनीय जगह कभी 

सामान्य नहीं हो सकती है,भले ही नास्तिक इसे सिर्फ पत्थर का टीला ही मानते हैं,

 परंतु इसे ईश्वर स्वरूप लोगों की आस्था, और विश्वास, उस स्थान की अलौकिक चमत्कार,

 वहां के शांत वातावरण, और लोगों को उस स्थान पर मिलने वाली महसूस होने वाली 

मनो शांति ने बनाया है, और 21 वी सदी में लोगों का किसी के प्रति विश्वास करना, 

उनकी आस्था का प्रतीक होना ही सर्वोत्तम है।

भूतेश्वरनाथ महादेव मंदिर

 हर हर महादेव!
 जय श्री भूतेश्वरनाथ महादेव!

FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1: भूतेश्वरनाथ शिवलिंग का आकार कैसे बढ़ता है?
उत्तर: यह एक प्राकृतिक शिवलिंग है जो चट्टान से बना है और हर साल इसके आकार 

में 6–8 इंच की वृद्धि दर्ज की जाती है। वैज्ञानिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं

 हुई है लेकिन श्रद्धालु इसे चमत्कार मानते हैं।

Q2: क्या मंदिर तक जाने के लिए कोई ट्रैक है?
उत्तर: जी हां, मरौदा गांव से मंदिर तक एक छोटा सा रास्ता जंगलों के बीच से जाता है। 

सावन में यहाँ कांवड़ यात्रा भी निकलती है।

Q3: यहां रुकने की क्या व्यवस्था है?
उत्तर: मंदिर परिसर में अस्थायी ठहरने और भोजन की व्यवस्था होती है, विशेषकर सावन

 और महाशिवरात्रि पर।

Q4: क्या इसे ज्योतिर्लिंग माना जाता है?
उत्तर: स्थानीय मान्यताओं में इसे अर्धनारीश्वर स्वरूप माना जाता है और छत्तीसगढ़ में इसे 

द्वादश ज्योतिर्लिंग के समान पूज्यता प्राप्त है।

CG Tourism Tags:#BhakurraMahadev, #Bhuteshwarnath, #ChhattisgarhTourism, #LordShiva, #NaturalWonders, #Shivling, #SpiritualDestinations

Post navigation

Previous Post: ओना कोना मंदिर: छत्तीसगढ़ के गंगरेल डैम के अंतिम छोर पर बसा आध्यात्म और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर तीर्थ स्थल
Next Post: जतमई माता मंदिर गरियाबंद: छत्तीसगढ़ का सबसे खूबसूरत वाटरफॉल मंदिर और पिकनिक स्पॉट (Jatmai Mata Mandir)

More Related Articles

छत्तीसगढ़ पर्यटन मैत्री-बाग भिलाई (Maitri Bagh Bhilai) मैत्री बाग भिलाई – सफेद बाघों वाला भारत-रूस की दोस्ती का प्रतीक चिड़ियाघर | Maitri Bagh Bhilai Zoo Complete Guide CG Tourism
छत्तीसगढ़ पर्यटन गाइड: प्रमुख जलप्रपात, राष्ट्रीय उद्यान और सांस्कृतिक धरोहरें छत्तीसगढ़ पर्यटन गाइड: प्रमुख जलप्रपात, राष्ट्रीय उद्यान और सांस्कृतिक धरोहरें CG Tourism
Kanagaon Dharparum हिल स्टेशन – कांकेर का छुपा स्वर्ग | Dharparum Kanker Tourism CG Tourism
गंगा मैया मंदिर, झलमला – बालोद छत्तीसगढ़ का आध्यात्मिक चमत्कार और 130 साल पुरानी आस्था की कहानी CG Tourism
🕉️ Ganesh Temple Devinavagaon Kanker – Gangrel Dam के अंतिम छोर पर स्थित एक ऐतिहासिक धरोहर CG Tourism
2.jpeg 🌊 रुद्री बांध (Rudri Dam): छत्तीसगढ़ का शताब्दी पुराना सिंचाई और पर्यटन धरोहर स्थल CG Tourism

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • ESIC Disability Scheme Complete Guide ! ESIC दिव्यांग योजना: दिव्यांगों की स्वस्थ मुस्कान — मात्र ₹120 में सम्पूर्ण चिकित्सा सुविधा |
  • 🏞️ TATAMARI HILL STATION KESHKAL– टाटामारी छत्तीसगढ़ का नैनीताल, जहां प्रकृति बोलती है मन से
  • PF Withdrawal New Rule 2025 ! EPF अकाउंट से अब पूरा पैसा निकालना हुआ आसान | EPFO ने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन खत्म किया |
  • 🕉️ Ganesh Temple Devinavagaon Kanker – Gangrel Dam के अंतिम छोर पर स्थित एक ऐतिहासिक धरोहर
  • 🚩 गंगरेल मड़ई मेला 2025: छत्तीसगढ़ की अनोखी संतान प्राप्ति परंपरा और लोक आस्था का पर्व (Gangrel Mandai)

Recent Comments

  1. बेनामी on ESIC New Rules 2025 और श्रमिकों के अधिकार – जानिए नए कानून, लाभ, कवरेज और नियोक्ता की जिम्मेदारियाँ Part-3
  2. बेनामी on ESIC New Rules 2025 – जानिए नई योगदान दरें, बढ़ी हुई कवरेज, मातृत्व लाभ और नियोक्ता की जिम्मेदारियाँ Part-2
  3. Ambika on ESIC New Rules 2025 – जानिए नई योगदान दरें, बढ़ी हुई कवरेज, मातृत्व लाभ और नियोक्ता की जिम्मेदारियाँ Part-2
  4. बेनामी on 🌊 रुद्री बांध (Rudri Dam): छत्तीसगढ़ का शताब्दी पुराना सिंचाई और पर्यटन धरोहर स्थल
  5. बेनामी on 🌊 रुद्री बांध (Rudri Dam): छत्तीसगढ़ का शताब्दी पुराना सिंचाई और पर्यटन धरोहर स्थल

Archives

  • November 2025
  • October 2025
  • September 2025
  • August 2025
  • July 2025
  • June 2025

Categories

  • CG e Mandi Portal
  • CG Tourism
  • ESIC
  • Local Info
  • LOCAL TOURISM
  • PF
  • Uncategorized

Copyright © 2026 Helping Boy Ni2.

Powered by PressBook Green WordPress theme