Author :- Nitu Singh Nishad (Suchnamitra.com)

Table of Contents
Sondhur Dam: धमतरी, छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक सौंदर्य और जलसंचयन केंद्र

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित सोंढूर बांध एक खूबसूरत जलाशय है जो पर्यटन, सिंचाई, मत्स्य पालन और नौका विहार के लिए प्रसिद्ध है। जानिए इसके इतिहास, भूगोल, पर्यटन महत्व और यहां पहुंचने के आसान रास्ते।
📍 Sondhur Dam की पूरी जानकारी

छत्तीसगढ़ का धमतरी जिला प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों और जल संसाधनों के लिए प्रसिद्ध है। खासकर सिहावा क्षेत्र,इन्हीं में से एक अनमोल रत्न है – सोंढूर बांध।
यह बांध एक सुंदर घाटी में स्थित है और हरी-भरी पहाड़ियों, शांत नीले जल और स्वच्छ वातावरण के कारण यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है। यहाँ आकर आप न केवल प्रकृति की गोद में सुकून पा सकते हैं, बल्कि नौका विहार, फोटोग्राफी, पिकनिक और पक्षी के झुंड का दर्शन जैसी गतिविधियों का आनंद भी उठा सकते हैं।
🏗️ Sondhur Dam का इतिहास और निर्माण

निर्माण वर्ष: 1988
स्थान: ग्राम मेचका, नगरी ब्लॉक, जिला धमतरी, छत्तीसगढ़
नदी: सोंढूर नदी (महानदी की सहायक नदी), जो आगे जाकर राजिम त्रिवेणी संगम में समाहित हो जाती है।
निर्माण एजेंसी: छत्तीसगढ़ राज्य सिंचाई विभाग
जलग्रहण क्षेत्र: 518 वर्ग किमी

इस बांध का निर्माण जल संचयन, सिंचाई सुविधा, पेयजल आपूर्ति, और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए किया गया था। अब यह एक पर्यटन स्थल के रूप में भी उभर रहा है।
🗺️ Sondhur Dam का भौगोलिक विशेषताएं और तकनीकी जानकारी
विशेषता | विवरण |
जल क्षेत्रफल | लगभग 8–10 वर्ग किमी |
संग्रहण क्षमता | हज़ारों घन मीटर |
निकटतम शहर | धमतरी (40 किमी) |
निकटतम ब्लॉक | नगरी (20 किमी) |
पहुँच मार्ग | रायपुर → धमतरी → सांकरा → अरसीकन्हार |
🌄 पर्यटन में Sondhur Dam का महत्व

🔹 यहाँ की प्रमुख विशेषताएँ:
प्राकृतिक दृश्य: हरे-भरे जंगलों से घिरी घाटी और शांत जलाशय है यह बांध, यहां बांध के चारों ओर आपको सुंदर दृश्य दिखाई देगा, जो किसी भी प्रकृति प्रेमी का मन लुभा ले, हरिभरी घाटी, नीला आसमान, हरे भरे पेड़ पौधे मन को मंत्र मुग्ध करने के लिए काफी हैं।

पिकनिक स्पॉट: परिवारों और युवाओं के लिए आदर्श स्थान है या जगह, क्योंकि बांध के निचले क्षेत्र में बड़े बड़े छाया दार पेड़ पौधे हैं, जहां आप सपरिवार बैठ कर पिकनिक का मजा ले सकते हैं, भोजन बना कर बांध के मुख्य गेट किनारे बैठ कर एंजॉय कर सकते हैं।

फोटोग्राफी हॉटस्पॉट: यह जगह फोटोग्राफी के लिए जन्नत से कम नहीं है, आप हमारे मीडिया टैग्स में इसे देख सकते हैं, ये सभी फोटो वीडियो अगस्त माह की है, खासकर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का नजारा आपको प्राकृतिक जन्नत से कम नहीं लगेंगी।

बोटिंग: यहां वन विभाग के द्वारा पैडल बोट की सुविधा दी गई है, जो स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से है, परंतु आप खास सीजन में ही इसका आनंद ले सकेंगे।
पक्षीयों का अवलोकन: यह क्षेत्र घोर वृहत और घने वन क्षेत्र में आता हैं, यहां पशु पक्षियों का जमावड़ा देखने को मिलता है, खास कर सर्दियों में प्रवासी पक्षी भी देखे जाते हैं।
इको टूरिज्म: जलाशय के आसपास इको-फ्रेंडली पार्क और वृक्षारोपण किया गया है, जो कि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, परंतु हमारे विजिट के दौरान हमे वहां कर्मचारियों की भरी कमी देखने को मिली, ना अच्छे से रख रखाव किया जा रहा, न ही गार्डन की साफ सफाई की जा रही है।

⛵ नौका विहार (Boating) और रोजगार
वन विभाग ने हाल ही में यहां 4 पैडल बोट से बोटिंग शुरू करवाई है। इससे मेचका, बरपदर, बेलरबाहरा जैसे गाँवों के युवाओं को स्थानीय रोजगार मिला है। बोटिंग के अलावा, इको-फ्रेंडली पार्क और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र हैं।परंतु यहां इन सब चीजों के सुचारू रूप से क्रियान्वयन की कमी दिखाई देती है।परंतु आप खास सीजन में ही इसका आनंद ले सकेंगे।
📅सोंढूर बांध घूमने का सही समय
मौसम | विशेषताएँ |
बरसात (जुलाई–सितंबर) | बांध पूरी तरह भरा रहता है, हरियाली चरम पर होती है |
सर्दियाँ (नवंबर–फरवरी) | ठंडा मौसम, पिकनिक और फोटोग्राफी के लिए आदर्श |
गर्मी (मार्च–जून) | तापमान अधिक, जल स्तर कम हो सकता है |
🌱 कृषि और स्थानीय जीवन पर प्रभाव
सिंचाई: सिहावा, मगरलोड और कुरूद ब्लॉक की हजारों हेक्टेयर जमीन की सिंचाई इसी बांध के भरोसे है। हम प्रत्येक वर्ष सिंचाई हेतु पानी दे पाना संभव नहीं है, परंतु बांध के पूर्ण रूप से भरने पर इन सभी क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा प्रदान की जाती है।
मत्स्य पालन: 100+ परिवारों को रोज़गार, आप जब भी यहां आयेंगे आपको मत्स्याखेट करते ग्रामीण दिखाई दे ही जायेगे, क्योंकि जब से यह क्षेत्र टाइगर रिजर्व घोषित हुआ है यहां बांध में मत्स्यपालन स्वतंत्र रूप से चलाई जा रही है, यहां कोई ठेका प्रथा नहीं है, इसलिए आपको हर एक किनारे पर ग्रामीण मछली पकड़ते दिखाई देंगे।
जल संरक्षण: अगर बारिश अच्छी हुई तो रबी और ग्रीष्मकालीन सीजन में भी जल की उपलब्धता होती है, तथा सुविधा प्रदान की जाती है।
📍 कैसे पहुँचें सोंढूर बांध
स्थान | दूरी | समय | परिवहन |
धमतरी | 85 किमी (Dhamtari-Nagri-Sankara-Mechka) | 1 घंटा | बस, टैक्सी |
रायपुर | 145 किमी(Raipur-Abhanpur-Kurud-Megha-Dugli-Sankara-Mechaka) | 2 घंटे | निजी वाहन, बस |
भिलाई–दुर्ग | 156 किमी (Durg-Dhamtari-Nagri-Sankara-Mechka) | 3 घंटे | निजी वाहन |
रूट सुझाव: रायपुर → धमतरी → नगरी→ सांकरा → अरसीकन्हार →(मेचका) सोंढूर बांध
🏞️ Sondhur Dam के पास के प्रमुख पर्यटन स्थल
स्थल | स्थान | प्रसिद्धि / विशेष आकर्षण | सिहावा से दूरी |
श्रृंगी ऋषि आश्रम | सिहावा की पहाड़ियां | धार्मिक, तांत्रिक पूजा, त्रेतायुग से प्रसिद्ध | सिहावा में ही (0 किमी) |
कर्णेश्वर मंदिर | सिहावा, धमतरी | राजा कर्णराज द्वारा बनवाया गया मंदिर, शिव मंदिर | सिहावा से 8 किमी |
महानदी उद्गम स्थल | सिहावा की पहाड़ियां | महानदी का स्रोत, प्राकृतिक सुंदरता | सिहावा में ही(0 किमी) |
सीता नदी वाइल्डलाइफ | सिहावा के पास | वन्यजीवों का संरक्षण क्षेत्र, शांति और प्राकृतिक दृश्य | सिहावा से 10 किमी (Nagri-Sankara Road) |
गहंदर जलप्रपात | सिहावा के पास | जलप्रपात, शांति और प्राकृतिक सौंदर्य | सिहावा से 45 किमी(Nagri-Keregaon Road) |
कोटेश्वर महादेव मंदिर | सिहावा के पास | शिव मंदिर, धार्मिक स्थल | सिहावा से 22 किमी |
नरहरा जलप्रपात | धमतरी से 30 किमी दूर | चट्टानों से गिरता पानी, दूधिया धारा, “मिनी चित्रकोट”, माता नारेश्वरी मंदिर | सिहावा से 65 किमी (Nagri-Dugli-Anjora Road) |
⚠️ पर्यटकों के लिए सुझाव

(नगरी सांकरा रोड से जब आप उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जैसे ही प्रवेश करें, गाड़ी धीरे चलाएं, अत्यधिक हॉर्न का उपयोग न करे, जरूरत हो तभी हॉर्न बजाएं, यह क्षेत्र जंगली जानवरों का विचारण क्षेत्र है, आपको प्रत्येक एक किलो मीटर की दूरी पर साइन बोर्ड दिखाई देंगे जहां, कृपया वाहन धीरे चलाएं,वन्य प्राणी विचारण क्षेत्र, हॉर्न का प्रयोग न करे ऐसी चेतावनी दिखाई देगी) जो कि सही भी है, क्योंकि हिरण, भालू , नीलगाय, तेंदुआ अक्सर विचरण करते दिखाई दे जाते हैं।हिरण तो आपको हर सीजन, हरेक मौसम में दिखाई देता है,परस्तु भालू, तेंदुआ किसी विशेष परिस्थिति में ही रोड क्रॉस करते दिखाई देंगे।खासकर रात्रि में या फिर गर्मी के दिनों में।

यहां जब भी आएं, जब भी इस क्षेत्र में प्रवेश करते ही थोड़ा सतर्क रहे, रात्रि में लघुशंका या फिर किसी अन्य कारण से कही भी रुकना खतरे से खाली नहीं है,क्योंकि जंगल इतने घने हैं, के 10 मीटर के दायरे में कौन सा जानवर घात लगाए बैठा हो, यह समझ पाना मुश्किल है।

सुरक्षा गाइडलाइन का विशेष रूप से पालन करें
मानसून में स्लुइस गेट के पास न जाएं
प्लास्टिक और कचरा न फैलाएं
जलाशय के किनारे सावधानी बरतें
सिहावा शीतला माता के बारे में विस्तृत ब्लॉग पढ़ने के लिए हमारा यह ब्लॉग पढ़ें–https://suchnamitra.com/sitla-mandir-sihawa-cg-history-detail-travel-guide/
✅ निष्कर्ष
सोंढूर बांध केवल एक जल स्रोत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य और जनजीवन के समन्वय का अद्भुत उदाहरण है। यह पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक रूप से क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यदि आप प्रकृति, जल, शांति और रोमांच को एक साथ महसूस करना चाहते हैं, तो अपनी अगली यात्रा में सोंडूर बांध को जरूर शामिल करें।
📚Sondhur Dam Related FAQs
1. Sondhur Dam कहां स्थित है?
उत्तर: सोंढूर बांध छत्तीसगढ़ राज्य के धमतरी जिले में स्थित है। यह बांध सोंढूर नदी पर निर्मित है और रायपुर से लगभग 90 किलोमीटर दूर है।
2. Sondhur Dam में घूमने का सही समय कब है?
उत्तर: सोंढूर बांध घूमने का सबसे अच्छा समय सर्दी (नवंबर से फरवरी) और बारिश (जुलाई से सितंबर) का होता है। सर्दियों में ठंडा मौसम और बारिश में बांध पूरा भरा रहता है, जो प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए आदर्श है।
3. Sondhur Dam तक कैसे पहुंचा जा सकता है?
उत्तर: सोंढूर बांध तक पहुँचने के लिए आप धमतरी से लगभग 40 किमी की दूरी तय कर सकते हैं। रायपुर से भी सड़क मार्ग द्वारा लगभग 2 घंटे में सोंडूर बांध पहुँचा जा सकता है। यहाँ बस और टैक्सी की सुविधा उपलब्ध है।
4. Sondhur Dam में कौन-कौन सी गतिविधियाँ की जा सकती हैं?
उत्तर: सोंढूर बांधमें आप नौका विहार, पिकनिक, फोटोग्राफी, और पक्षी अवलोकन जैसी गतिविधियाँ कर सकते हैं। साथ ही, सर्दियों में प्रवासी पक्षियों का भी अवलोकन किया जा सकता है।
5. क्या Sondhur Dam में बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है?
उत्तर:जी हां, सोंढूर बांध में पैडल बोट की सुविधा उपलब्ध है, जो पर्यटकों के लिए एक अद्भुत अनुभव प्रदान करती है। बोटिंग के माध्यम से आप जलाशय के आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकते हैं।परंतु आप खास सीजन में ही इसका आनंद ले सकेंगे।